Pack of 1 litre
आयुर्वेद में गोघृत (गाय का घी) को महत्वपूर्ण स्नेह द्रव्य माना गया है। उचित मात्रा में सेवन करने पर इसके पारंपरिक लाभ:
पाचन एवं अग्नि को संतुलित रखने में सहायक।
शरीर को ऊर्जा और पोषण प्रदान करता है।
वात-पित्त शमन में उपयोगी माना जाता है।
मस्तिष्क एवं स्मरण शक्ति के लिए आयुर्वेद में उपयोग किया जाता है।
शरीर में स्निग्धता और ओज बनाए रखने में सहायक।
त्वचा की कोमलता और नमी बनाए रखने में मदद करता है।
आयुर्वेदिक औषधियों में अनुपान/वाहक (योगवाही) के रूप में प्रयोग किया जाता है।
कमजोर या रूखी प्रकृति वाले व्यक्तियों में पोषण देने वाला माना जाता है।
Desi gau ghrit
Pack of 1 litre आयुर्वेद में गोघृत (गाय का घी) को महत्वपूर्ण स्नेह द्रव्य माना गया है। उचित मात्रा में...